कंप्यूटर क्या है और यह कैसे कम करता है?

यहाँ हम कंप्यूटर क्या है इन हिंदी और कंप्यूटर की परिभाषा क्या है , विषय में बात करेंगे . आसन भाषा में कहा जाये तो कंप्यूटर ( What is Computer in hindi ) एक इलेक्ट्रोनिक यंत्र होता है . ये जवाब शायद आप सभी को पहले से ही पता हो . तो आप सोच रहे होंगे की आज फिर क्यूँ ये topic जिसके बारे में हमें पहले से सी सब कुछ पता

जरा रुकिए में आपको आज जो बताना चाहता हूँ उसमे से शायद आपको कुछ पहले से पता हो पर मेरा ये मकसद है की आपको पूरी कंप्यूटर के बारे में जानकारी दी जाये न की आधी अधूरी .
मुझे पता है की आपको कंप्यूटर की बेसिक जानकारी पता है . पर क्या आपको ये पता है की ये कैसे काम करता है , किसने इससे पहले बनाया , किस किस दोर से होकर ये गुजरा है . कंप्यूटर के विसेश्ताओं में कितने बदलाव देखने को मिले इतने वर्षों में . 

आज जो कंप्यूटर हम इस्तमाल कर रहे हैं इसके पीछे कई वैज्ञानिकों के सालों के मेहनत का नतीजा है . आज में आप लोगों को इस । article कंप्यूटर किसे कहते है , इसके मुख्य अंग क्या है , कंप्यूटर का फुल फॉर्म ( Computer Full Form in hindi ) और ये काम कैसे करता है के द्वारा आप लोगों को इस यन्त्र के बारे में पूरी जानकारी देना चाहता हूँ . तो फिर देरी किस बात की चलिए शुरू करते हैं के कंप्यूटर क्या होता है .

कंप्यूटर क्या है ( What is Computer in hindi )

Computer एक मशीन है जो कुछ तय निर्देशों के अनुसार कार्य को संपादित करता है . एक ऐसा electronic device , जिसे design किया गया है Information के साथ काम करने के लिए . ये शब्द कंप्यूटर Latin के शब्द ' computare ' से लिया गया है . इसका अर्थ है Calculation करना या Programmable Machine.
इसका मुख्य तोर से तीन काम है . पहला डाटा को लेना जिसे हम Input भी कहते है , दूसरा काम उस डाटा को Processing करने का होता है और आकिर काम उस processed डाटा को दिखाने का होता है जिसे Output भी कहते हैं .
कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया ?
मॉडर्न कंप्यूटर का जनक Charles Babbage को कहा जाता है . क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Mechanical कंप्यूटर को डिजाईन किया था , जिसे Analytical Engine के नाम से भी जाना जाता है . इसमें Punch Card की मदद से डाटा को insert किया जाता था .


कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है?

तो कंप्यूटर को हम एक ऐसा advanced इलेक्ट्रॉनिक device कह सकते हैं जो की raw data को input के तोर में User से लेता है , फिर उस data को program ( set of Instruction ) के द्वारा प्रोसेस करता है और आखिर के परिणाम को Output के रूप में प्रकाशित करता है . ये दोनों numerical और non numerical ( arithmetic and Logical ) calculation को process करता है .


कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या है ?

कंप्यूटर का कोई फुल फॉर्म नहीं होता है तकनीकी रूप से . फिर भी कंप्यूटर का एक काल्पनिक फुल फॉर्म है , C - Commonly , 0 - Operated , M - Machine , P Particularly , U - Used for , T Technical and E - Educational , R - Research .


कंप्यूटर का इतिहास

इस बात की सही तरह से प्रमाण नहीं किया जा सकता है की कब से कंप्यूटर का development शुरू किया गया . लेकिन officially कंप्यूटर की development को generation के मुताबिक classify कर दिया गया है . ये मुख्य तोर से 5 हिस्सों में बंटे हुए हैं .


Generation of Computer in hindi

जब बात Computer की generation की आती है तब इसका तात्पर्य है की Computer की पीडियां in hindi . जैसे-जैसे computer में विकाश होते हैं उन्हें अलग अलग पीड़ियों में विभाजित कर दिया गया जिससे की इन्हें सठिक रूप से समझने में आसानी हो


कम्प्यूटरों की प्रथम पीढ़ी ( First Generation of Computer ) 1940 - 1956 " Vacuum Tubes "

सबसे पहले generation के कंप्यूटर Vaccum tubes को circuitry और Magnetic Drum को memory के लिए इस्तमाल करते थे . ये size में काफी बड़े बड़े हुआ करते थे . इनको चलाने में काफी शक्ति का इस्तमाल होता था .
ज्यादा बड़ा होने के कारण इसमें heat की भी बहुत समस्या थी जिससे ये कई बार malfunction भी होता था . इनमे Machine Language का इस्तमाल होता था . उदहारण के तोर पे UNIVAC and ENIAC computers .


कम्प्यूटरों की द्वितीय पीढ़ी ( Second Generation of Computers ) 1956 - 1963 " Transistors "

Second generation के computers में transistors ने vaccum tubes की जगह ले ली . Transistor बहुत ही कम जगह लेते थे , छोटे थे , faster थे , सस्ते थे और ज्यादा Energy Efficient थे . ये पहले generation के कंप्यूटर की तुलना में कम heat generate करते थे लेकिन फिर भी इसमें heat की समस्या अभी भी थी .
इनमे High Level programming Language जैसे COBOL और FORTRAN को इस्तमाल में लाया गया था .


कम्प्यूटरों की तृतीय पीढ़ी ( Third Generation of Computer ) 1964 - 1971 " Integrated Circuits "

Third generation के कंप्यूटर में पहली बार Integrated Circuit का इस्तमाल किया गया था . जिसमे Transistors को छोटे छोटे कर silicon chip के अन्दर डाला जाता था जिसे Semiconductor कहा जाता है . इससे ये फ़ायदा हुआ की कंप्यूटर की processing करने की क्षमता काफी हद तक बढ़ गयी .
पहली बार इस generation के computers को ज्यादा user friendly बनाने के लिए Monitors , keyboards और Operating System का इस्तमाल किया गया . इसे पहली बार Market में launch किया गया .


कम्प्यूटरों की चतुर्थ पीढ़ी ( Fourth Generation of Computers ) 1971 - 1985 " Microprocessors "

Forth generation की ये खासियत है की इसमें Microprocessor का इस्तमाल किया गया . जिससे हजारों Integrated Circuit को एक ही सिलिकॉन chip में embedded किया गया . इससे मशीन के आकार को कम करने में बहुत आसानी हुई .
Microprocessor के इस्तमाल से कंप्यूटर की efficiency और भी बढ़ गयी . ये बहुत ही काम समाया में बड़े बड़े कैलकुलेशन कर पा रहा था .


कम्प्यूटरों की पंचम पीढ़ी ( Fifth Generation of Computers ) 1985 present “ Artificiall Intelligence "

Fifth generation आज के दोर का है जहाँ की Artificial Intelligence ने अपना दबदबा कायम कर लिया है . अब नयी नयी Technology जैसे Speech recognition , Parallel Processing , Quantum Calculation जैसे कई advanced तकनीक इस्तमाल में आने लगे ये एक ऐसा generation हैं जहाँ कंप्यूटर की Artificial Intelligence होने के कारण स्वयं decision लेने की क्ष्य्मता आ चुकी है . धीरे धीरे इसके सारे Automated हो जायेंगे . कंप्यूटर का आविष्कार किसने


आधुनिक कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है ?

ऐसे तो बहुत से लोगों ने इस Computing Field में अपना योगदान दिया है . लेकिन इन सब में से ज्यादा योगदान Charles Babage का है . क्यूंकि उन्होंने ही सबसे पहले Analytical Engine सन 1837 में निकला था .
उनके इस engine में ALU , Baisc Flow control और Integrated Memory की concept लागु की गयी थी . इसी model पे ही Base करके आजकल के कंप्यूटर को design किया गया . इसी कारन उनका योगदान सबसे ज्यादा है . तभी उनको कंप्यूटर के जनक के नाम से भी जाना जाता


कंप्यूटर की परिभाषा

किसी भी modern digital कंप्यूटर के कई components हैं लेकिन उन में से कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण है जैसे Input device , Output Device , CPU ( Central Processing Unit ) , Mass Storage Device और Memory .


कंप्यूटर कैसे कार्य करता है

Input ( Data ) : Input वो step है जिसमे की Raw Information को Input Device इस्तमाल करके कंप्यूटर में डाला जाता है . ये कोई letter , पिक्चर या कोई विडियो भी हो सकता है .
Process : Process के दौरान input हुए data को instruction के अनुसार processing की जाती है . ये पूरी तरह से Internal प्रोसेस है .
Output : Output के दौरान जो data पहले से process हो चुकी हैं उसको Result के तोर में show किया जाता है . और यदि हम चाहें तो इस result को save कर के Memory में रख भी सकते हैं Future के इस्तमाल के लिए .
यदि आपने कभी किस कंप्यूटर case के भीतर देखा होगा तो आपने ये जरुर पाया होगा की अन्दर छोटे छोटे कई components होते है , वो बहुत ही ज्यादा complicated दिखते हैं , पर वो actually में उतने complicated नहीं होते . अब में आप लोगों को इन्ही components बारे में कुछ जानकारी दूंगा .


Motherboard

किसी भी कंप्यूटर का मुख्य circuit board को Motherboard कहा जाता है . ये एक पतली प्लेट की तरह दीखता है पर ये बहुत सी चीज़ों की धारण किया हुए होता है जैसे CPU , Memory , Connectors hard drive और Optical Drive के लिए , expansion card Video और Audio को control करने के लिए , इसके साथ साथ कंप्यूटर के सभी Ports को connection . देखा जाये तो Motherboard कंप्यूटर के सारे पार्ट्स के साथ directly या in directly जुड़ा हुआ होता है .

CPU / Processor

क्या आप जानते है Central Processing Unit यानि CPU क्या है ? इसको भी कहा जाता है . ये कंप्यूटर case के अन्दर Motherboard में पाया जाता है . इसे कंप्यूटर का दिमाग भी कहा जाता है . ये किसी Computer के भीतर ही रहे सारे गतिविधियों के ऊपर नज़र रखे हुए होता है . जितनी ज्यादा एक Processor की speed होगी उतनी ही जल्दी ये processing कर पायेगा .

RAM

RAM को हम Random Acess Memory के नाम से भी जानते हैं . ये System का Short Term Memeory होता है . जब भी कभी कंप्यूटर कुछ कैलकुलेशन करता हैं तब ये temporarily उस result को RAM में save कर देता हैं . अगर कंप्यूटर बंद हो जाये तो ये डाटा भी खो जाता है . यदि हम कोई document लिख रहे हों तब उसे नष्ट होने से बचने के लिए हमें बिच बिच में अपने डाटा को save करना चाहिए . Save करने से Data Hard Drive में save हो तो ये लम्बे समय तक रह सकती है .
RAM को megabytes ( MB ) or gigabytes ( GB ) में मापा जाता हैं . जितना ज्यादा RAM होगा उतना हमरे लिए अच्छा हैं .

Hard Drive
Hard Drive वो component है जहाँ software , documents और दुसरे file को save किया जाता है . इसमें data लम्बे समय तक store होकर रहता है .
Power Supply Unit
Power supply unit का काम होता है की Main Power Supply से पॉवर लेकर उसे जरुरत के अनुसार दुसरे components में Supply करना .
Expansion card
सभी Computers के Expansion Slots होते हैं जिससे की हम Future में कोई Expansion Card को add कर सकें . इन्हें PCI ( Peripheral Components Interconnect ) card भी कहा जाता है . लेकिन आज कल के Motherboard में built in ही कई Slots पहले से होते हैं . कुछ Expansion Card के नाम जो हम पुराने computers को update करने के लिए इस्तमाल कर सकते हैं .
Video Card
Sound card
Network Card
Bluetooth Card ( Adapter )
NOTE - यदि आप कभी COMPUTER के भीतरी चीज़ों को खोल रहे हैं तब आपको सबसे पहले मुख्य SOCKET से PLUG का निकलना चाहिए .

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर
Computer hardware को हम कोई ऐसी Physical Device कह सकते हैं जिसे हम अपने कंप्यूटर में इस्तमाल करते हैं , वहीं Computer Software का मतलब है codes का collection जिसे हम अपने Machine के Hard Drive में install करते हैं hardware को चलने के लिए .
उदहारण के तोर पे कंप्यूटर मॉनिटर जो हम पड़ने के लिए इस्तमाल करते हैं , Mouse जिसे हम Navigate करने के लिए इस्तमाल करते हैं ये सब Computer Hardware हैं . वहीं Internet Browser जिससे हम website visit करते हैं , और Operating System जिसमे की वो Internet Browser run होता है . ऐसी चीज़ों को हम Software कहते हैं .
हम ये कह सकते हैं की एक कंप्यूटर Software और Hardware का समिश्रण है , दोनों की सामान भूमिकाएं हैं , दोनों साथ मिलकर ही कोई काम कर सकते हैं .
जब भी हम कभी कंप्यूटर शब्द का इस्तमाल सुनते हैं तब हमारे मन में बस Personal कंप्यूटर का ही चित्र आता है . में आप लोगों को बता दूँ की Computers बहुत सारे प्रकार के होते हैं . विविन्न Shapes और _ _ _ Size के आते हैं . जरुरत के अनुसार हम इनका इस्तमाल करते हैं जैसे की ATM पैसे निकालने के लिए , Scanner किसी Barcode को स्कैन करने के लिए , Calculator किसी बड़ी calculation करने के लिए . ये सारे different types के Computer हैं .
Desktop
बहुत से लोग Desktop कंप्यूटर का इस्तमाल अपने घरों , स्कूलों और अपने Personal काम के लिए करते हैं . इनका डिजाईन कुछ इस प्रकार से होते हैं कि इन्हें हम अपने desk पर रख सकें . इनके बहुत सारे Parts होते हैं जैसे Monitor , Keyboard , Mouse , Computer Case .
Laptop
Laptop के बारे में आप तो जानते ही होंगे जो की Battery Powered होते हैं , ये बहुत ही ज्यादा portable होते हैं जिससे इन्हें कहीं भी और कभी भी ले जाया जा सकता हैं .
Tablet
अब बात करते हैं Tablet की जिसे हम Handheld कंप्यूटर भी कहते हैं क्यूंकि इसे बड़ी आसानी से हातों में पकड़ा जा सकते है .
इसमें Keyboard और Mouse नहीं होते , बस एक touch Sensitive स्क्रीन होता है जिसे typing और navigation के लिए इस्तमाल किया जाता है . Example - iPAD .

Servers
एक Server कुछ इसप्रकार का कंप्यूटर है जिसे हम Information के आदान प्रदान के लिए इस्तमाल करते हैं . उदहारण के तोर पे जब भी हम कोई चीज़ Internet में खोजते _ _ _ है वो सारी चीजें Server में ही store होती हैं

कंप्यूटर का उपयोग कहाँ कहाँ होता है ?
देखा जाये तो कंप्यूटर का इस्तमाल हम अपने जीवन में हर जगह करते आ रहे हैं और करते रहेंगे . ये हमारा एक अंग सा बन गया है . मैंने इसके कुछ इस्तमाल को आपकी जानकारी के लिए निचे लिखी हुई हैं .
शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग : शिक्षा में इनका सबसे बड़ा हाथ है , अगर कोई स्टूडेंट को किसी चीज़ के बारे में जानकारी चाहिए तब उसे कुछ मिनटों में ही ये जानकारी उपलब्ध हो जाती है इसकी मदद से . Research से पता चला है की कंप्यूटर की मदद से किसी भी student की learning performance में काफी बढ़ोत्तरी हुई है . आजकल को घर बैठे ही online Classes की मदद से पढाई की जा सकती है .
Health and Medicine : ये Health और मेडिसिन के लिए एक वरदान है . इसकी मदद से आजकल मरीजों का इलाज बहुत ही आसानी से हो जाता है . आजकल सभी चीज़े digital हो गयी है जिससे बड़ी आसानी से रोग के बारे में पता चल जाता है और उस हिसाब से उसका इलाज भी possible है . इससे operation भी आसान बन गए हैं .
विज्ञान के छेत्र में कंप्यूटर का उपयोग : ये तो Science की ही देन है . इससे research में बहुत ही आसानी होती है . आजकल एक नया ट्रेंड चल रहा है जिसे Collaboratory भी कहा जाता है जिससे दुनिया के सारे scientist एक साथ मिलकर काम कर सकते हैं , इससे कुछ फरक नहीं पड़ता है की आप कोन से देश में महजूद हो .
Business : Business में इसका बहुत बड़ा हाथ है productivity और competitiveness को बढ़ने के लिए . इसका इस्तमाल मुख्य तोर से Marketing , Retailing , Banking , Stock Trading में होता है . यहाँ सभी चीजें digital होने के कारण इसकी processing बड़ी ही फ़ास्ट हो गयी है . और आजकल Cashless Transaction पे ज्यादा importance दिया जा रहा है .
Recreation and Entertainment : Entertainment के लिए ये एक नया अड्डा बन गया है , किसी भी चीजों के बारे में आप बात करो जैसे Movies , Sports या resturants कहीं की भी बात करो इनकी इस्तमाल सभी जगह

Government : आजकल तो Government भी इनकी इस्तमाल के ऊपर ज्यादा focus दे रही है . यदि हम बात करें Traffic , Tourism , Information & Broadcasting , Education , Aviation सभी जगह में इनके इस्तमाल से हमारा काम बहुत हो आसन हो गया है .
Defence : सेना में भी इनका इस्तमाल काफी हद तक बढ़ गया है . जिसकी मदद से अब हमारी सेना और ज्यादा सशक्त बन गयी है . क्यूंकि आजकल सभी चीज़ों को कंप्यूटर की मदद से control किया जाता है . ऐसी बहुत से जगह हैं जहाँ हम इसका इस्तमाल करते हैं हमारी जरुरत के अनुसार .
Computer के Advantages क्या हैं ?
 वैसे ये कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा Computer ने हम इंसानों के जीवन को बहुत ही सहज बना दिया है अपने incredible Speed , Accuracy और Storage के मदद से .
इससे इन्सान जब चाहें तब कुछ भी save कर सकते हैं और कुछ भी खोज सकते हैं आसानी से . हम कह सकते हैं की computer एक बहुत ही versatile machine होता है क्यूंकि ये बहुत ही flexible होता है अपने jobs को करने में .
लेकिन इसके वाबजूद भी हम कह सकते हैं की computer एक बहुत ही versatile machine होता है क्यूंकि ये बहुत ही flexible होता है अपने काम को करने में , वहीं इन machines के कुछ important advantages और disadvantages भी होते हैं .
चलिए इनके विषय में जानते हैं .
Multitasking
Multitasking एक बहुत ही बड़ी advantage होती है computer की .
इसमें कोई आदमी आसानी से multiple task , multiple operation , numerical problems को calculate कर सकते हैं वो भी कुछ seconds में .
Computer आसानी से trillion of instructions per second में calculate कर सकती हैं . Speed नर न al . latina Joriin
Speed
अब ये केवल एक calculating device बनकर ही नहीं रह गया है .
अब ये हमारे जीवन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बन चूका है .
इसकी बहुत ही बड़ी advantage हैं इसकी high speed , जो की इसे कोई भी task को complete करने में मदद करती है वो भी बहुत ही कम समय में .
इसमें प्राय सभी operations को तुरंत ही किया जा सकता है , अन्यथा इन्हें करने में बहुत समय लगता .
Cost / Stores करती हैं बड़ी मात्रा में data
यह एक low cost solution होता है . क्यूंकि इसमें कोई इन्सान बहुत ज्यादा मात्रा की data को कम budget में save कर सकता है . Centralized database का इस्तमाल से बहुत ही high quantity की information को store किया जा सकता है , जिससे की cost को बहुत हद तक कमाया जा सकता है .
Accuracy
ये computer अपने calculation को लेकर बहुत ही ज्यादा accurate होते हैं , इनमें गलती होने की संभावनाएं न के बराबर होती है .
Data Security
Digital Data को protect करना ही Data Security कहलाता है . Computer हमारे digital data को unauthorized users जैसे की cyberattack या access attack से रक्षा करती है .
Computer के Disadvantage क्या हैं ?
अब चलिए Computer के कुछ disadvantages के विषय में जानते हैं .

Virus और Hacking Attacks
Virus एक destructive program होता है और hacking उस unauthorized access को कहा जाता है जिसमें Owner को आपके बारे में पता नहीं होता हिया .
इन Virus को आसानी से email attachment के द्वारा फैलाया जा सकता है , कभी कभी USB से भी , या किसी infected websites से इन्हें आपके computer तक पहुँचाया जा सकता है .
वहीं एक बार ये आपके computer तक पहुँच जाये तब आपके computer को बर्बाद कर देता है .
Online Cyber Crimes
इन Online cyber - crime को करने के लिए computer और network का इस्तमाल किया जाता है . वहीं Cyberstalking और Identity theft भी इन्ही online cyber - crimes के तहत आते हैं .
Employment opportunity में घटीती होना
चूँकि computer एक साथ बहुत से कार्य को करने में सक्षम होता है इसलिए employment opportunity को भरी नुकसान होता है .
इसलिए banking sector से लेकर कोई भी governmental sectors की आप बात देख लो सभी भी computers को ज्यादा महत्व दिया जाता है लोगों के स्थान में . इसलिए बेरोजगारी केवल बढ़ती ही जा रही
दुसरे disadvantage की बात करूं तब इसकी IQ नहीं होती है , ये बिलकुल ही users के ऊपर निर्भर करता है , इसकी कोई feeling नहीं होती है , ये खुद से कोई decision नहीं ले सकता है .

कंप्यूटर का भविस्य
वैसे तो दिन ब दिन कंप्यूटर में काफी Technological बदलाव आ रहे है . दिन प्रतिदिन ये ज्यादा सस्ती और ज्यादा performance वाली और ज्याद capacity वाली बन रही है . जैसे जैसे लोगों की जरुरत बढ़ेगी वैसे वैसे इसमें और भी ज्यादा बदलाव आएगा . पहले तो ये एक घर के आकर का था , अब ये हमारे हाथों में ही समां जा रहा है .
एक समय ऐसा भी आएगा जब ये हमारे मन से नियंत्रित होगा . आजकल Scientists Optical computer , DNA Computer , Neural Computer और Quantum Computer के ऊपर ज्यादा research कर रहे हैं . इसके साथ साथ ही Artificial Intelligence के ऊपर भी बहुत ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है ताकि ये खुदबखुद अपना काम सुचारू रूप से कर सके .

Computer हिंदी में
अब तक आपको कंप्यूटर का introduction हिंदी में मिल चूका होगा . मुझे पूर्ण आशा है की मैंने आप लोगों को कंप्यूटर क्या है ( What is Computer in Hindi ) और कंप्यूटर के प्रकार के बारे में पूरी जानकारी दी और आशा करता हूँ आप लोगों को इस कंप्यूटर Tecnology के बारे में समझ आ गया होगा .
आसानी से अब आप कंप्यूटर किसे कहते हैं का जवाब बेझिझक दे सकते हैं . मेरा आप सभी पाठकों से गुजारिस है की आप लोग भी इस जानकारी को अपने आस - पड़ोस , रिश्तेदारों , अपने मित्रों में Share करें , जिससे की हमारे बिच जागरूकता होगी और इससे सबको बहुत लाभ होगा . मुझे आप लोगों की सहयोग की आवश्यकता है जिससे मैं और भी नयी जानकारी आप लोगों तक पहुंचा सकूँ .
मेरा हमेशा से यही कोशिश रहा है की मैं हमेशा अपने readers या पाठकों का हर तरफ से हेल्प करूँ , यदि आप लोगों को किसी भी तरह की कोई भी doubt है तो आप मुझे बेझिजक पूछ सकते हैं . मैं जरुर उन Doubts का हल निकलने की कोशिश करूँगा . आपको यह लेख कंप्यूटर किसे कहते है और कंप्यूटर की परिभाषा कैसा लगा हमें comment लिखकर जरूर बताएं ताकि हमें भी आपके विचारों से कुछ सीखने और कुछ सुधारने का मोका मिले .
" मेरा देश बदल रहा है आगे बढ़ रहा है "
आइये आप भी इस मुहीम में हमारा साथ दें और देश को बदलने में अपना योगदान दें .
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